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मंगळवार, १९ एप्रिल, २०२२

अच्छा सुनो ना.....

अच्छा सुनो ना 
घर जा के रोना मत  
मुझे नींद नही आयेगी 
पुरी रात ।


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अच्छा सुनो ना 
कल याद कर लेना 
याद से.....
कल साथ नही रहूंगी 
Miss you ।।

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अच्छा सुनो ना 
आज फिर से चलेंगे एक साथ 
अपनी ही बातें करते हुए
कही दूर।।


 ©️®️✍️सविता सूर्यकांता तुकाराम लोटे
शीर्षक :- *****  अच्छा सुनो ना**** 
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दर्द

दर्द बडे तो खामोशी से 
अपना लगाव बडा दिजीऐ 
दिल को अकेला नही छोडती 
खामोशी की खामोशी.......

माघार

बाबासाहेबांच्या विचारावर चालणारी प्रियसी, तिच्या प्रियकराला हे सांगत आहे कारण आम्ही नवा आरंभा नवयुगाच्या या तत्त्वानुसार आम्ही चालत आहे गावक...